विवरण
यह मूर्ति कोई एकता नहीं है—यह एक टूटन है। टूटी हुई पहचानें एक-दूसरे से चिपकी हुई हैं, पिघले हुए सोने की नसों से चिपकी हुई। एक चेहरा बंद आँखों वाला और टूटा हुआ है, दूसरा छायामय और स्थिर, तीसरा इन दोनों के बीच फँसा हुआ है। वे केवल रूप ही नहीं बाँटते—वे एक शांत बोझ भी साझा करते हैं, जैसे उनकी यादें दर्द और संरक्षण की सिलाई से जुड़ी हों। “Symbiotic Fracture” पूछता है कि जब पहचान खंडहरों से पुनर्निर्मित होती है तो क्या बचता है।.





























